राकेश शर्मा, दिल्ली
“बहुत अच्छा अनुभव रहा!”
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नाभि खिसकने की समस्या के बारे में आपने सुना ही होगा। कई लोग इसको नाभि का डिगना, धरण और धरण गिरना के नाम से भी जानते हैं। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में स्वास्थ्य के लिए नाभि को महत्त्वपूर्ण माना जाता है आयुर्वेद के अनुसार, जैसे रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन आ सकता है, उस ही तरह नाभि और पेट की मांसपेशियों में भी मरोड़ या अन्य दिक्कत आ सकती है। ऐसा होने पर नाभि अपनी जगह से हट जाती है। इसके अधिकतर मामलों में नाभि ऊपर या नीचे की तरफ चली जाती है। नाभि अक्सर किसी भारी वजन को उठाने, अचानक झुकने और यौन गतिविधियों को करने से खिसक (धरण) जाती है।

नाभि खिसकने या उतरने के पीछे कई कारण होते है, जैसे
➔ अचानक भारी वजन उठाना
➔ अचानक झटका लगना या गिरना
➔ पाचन तंत्र की गड़बड़ी
➔ अचानक मांसपेशियों पर दबाव आना
➔ महिलाओं में गर्भावस्था और प्रसव के दौरान
➔. गलत तरीके से योग या एक्सरसाइज करना

✅ नाभि के ऊपर की ओर खिसकने पर घबराहट, उल्टी, कब्ज, जी मिचलाना शुरू हो जाता है
✅ नाभि के नीचे की ओर खिसकने से दस्त, स्वप्न दोष और पाचनतंत्र में गड़बड़ी होती है।
✅ नाभि आगे-पीछे खिसकने से पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है।
✅ नाभि का बाएं कुल्हे की तरफ खिसकने से शरीर के दाएं भाग में समस्याएं उत्पन्न होती है।
✅ बाई तरफ नाभि खिसकने से किडनी में कठोरता और आंतों में दर्द होने लगता है।
✅ महिलाओं में नाभि खिसकने से कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं, जिसमें गर्भाशय से सम्बंधित परेशानी और मासिक धर्म का अनियमित होना शामिल है। इसमें पेट के निचले हिस्से से पीठ के निचले हिस्से और जांघों में दर्द होता है।

✅ सालो से हो रही धरण की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
✅ पेट की सभी समस्याएं धीरे-धीरे ठीक होने लग जाएंगी।
✅ मांसपेशियों की कमजोरी और पेट की अकड़न ठीक हो जाएगी।
✅ कंधों और बाहों में झुनझुनी या सुन्न होना बंद हो जाएगा।
✅ कंधे में दर्द और अकड़न धीरे-धीरे ठीक होने लग जाएंगी।
✅ सिर दर्द – जो अक्सर गर्दन के पीछे से शुरू होता है होना बंद हो जाएगा।

निम्नतम लागत
Audio Book बहुत ही कम कीमत पर उपलबध करवायी गयी है जिसे हर कोई आसनी से खरीद सकता है।
प्राकृतिक दर्द निवारण
यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो ग्रीवा संबंधी असुविधा, माइग्रेन और तनाव से राहत के लिए प्राकृतिक उपचार चाहते हैं।
टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाला
ऑडियो बुक होने के लिए आप इसे मोबाइल से डाउनलोड कर सकते हैं या जब भी आपको धरण की समस्या हो तो इस्तमाल कर सकते हैं

आपको 3 बार झाड़ा लगाना है जिसमें पहला झाड़ा सुबह फिर शाम फिर अगली सुबह 3 झाड़े पूरा होने पर धरण की समस्या से राहत मिल जाएगी ये एक ऑडियो फॉर्मेट में है जिसका आप मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं।
1- पहला झाड़ा जैसे ही सूरज निकलने वाला हो मतलब सूरज की किरण दिखने लग जाए तभी मोबाइल को नाभि पर रख लेना है और झाड़ा शुरू कर देना है और सीधा खड़ा हो जाना है।
2- झाड़ा पश्चिम दिशा कि तरफ मुह करके लगाना है दोनों पैरो की एड़ियां जोड़ लेनी है और आगे का पंजा खुला रखना है और बिल्कुल भी बोलना नहीं है।
3-शाम को जब सूरज छिपने वाला हो तब लगाना है तरीका वही रहेगा जेसे प्वाइंट नं. 2 में बताया है. ऐसे ही आपको तीनो झाड़े लगाने हैं।
4- झाड़े को बच्चा, नौजवान, लेडीज कोई भी लगा सकता है।
नोट- खाली पेट झाड़ा लगाना है कोई परहेज नहीं है सब कुछ खा सकते हैं बस थोड़ा सादा भोजन हो लेडीज़ को पीरियड के टाइम झाड़ा नहीं लगना है।








1- ऑडियो बुक क्या होती है?
ऑडियो बुक एक mp3 फॉर्मेट होता है जिसे आप अपने मोबाइल लैपटॉप पर डाउनलोड कर सकते हैं।
2-झाड़ा कैसे लगाना होता है?
आपको अपनी नाभि के ऊपर मोबाइल रख लेना है या झाड़ा स्टार्ट कर देना है वैसे सारी विधि ऑडियो बुक में बताई दी है।
3-क्या झाड़े से कोई नुक्सान तो नहीं होता?
जी नहीं यह एक मंत्र है जो प्राचीन काल से धरण की समस्या को ठीक करने के लिए बनाया गया है

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